कलेक्टर ने की बड़ी कार्रवाई,74 पर केस दर्ज ...
जबलपुर में 30 करोड़ रुपए के धान घोटाले का सनसनीखेज खुलासा !
जबलपुर में 30 करोड़ रुपए के धान घोटाले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सहकारी समितियों, नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी-कर्मचारी और राइस मिल संचालकों की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया गया। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना की सख्त कार्रवाई के बाद इस गड़बड़ी का पर्दाफाश हुआ ।
जबलपुर कलेक्टर ने 30 करोड़ रुपए का धान घोटाला पकड़ा है। दरअसल, इस घोटाले को सुनियोजित ढंग से सहकारी समितियों, नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी कर्मचारी और राइस मिल संचालकों के द्वारा अंजाम दिया जा रहा था। कलेक्टर ने इसकी जानकारी मिलने पर सूक्ष्मता से जांच कराई और अब 74 लोगों के खिलाफ विभिन्न स्थानों में मामला दर्ज कराया गया है।
कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना को सूचना मिली थी कि जबलपुर जिले में सहकारी समितियां के द्वारा खरीदी गई धान को बाहर राइस मिलर संचालकों को देने की बजाय स्थानीय स्तर पर दलालों को बेचा जा रहा है। जानकारी मिलने पर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने चार सदस्यों की एक समिति बनाई जिसमें नाथूराम गोंड अपर कलेक्टर, ऋषभ जैन संयुक्त कलेक्टर, शिवाली सिंह संयुक्त कलेक्टर और संजय खरे सहायक आपूर्ति अधिकारी शामिल थे।
इस समिति के द्वारा 2510 पेज की विस्तृत जांच रिपोर्ट कलेक्टर को 19 मार्च को पेश की गई। इस रिपोर्ट में पाया गया कि सहकारी समितियां के द्वारा जो धान बाहर जिलों के राइस मिलर को बेचा जाना बताया गया था उसे रूट पर पड़ने वाले टोल नाकों से परिवहन करने वाले वाहन गुजरे ही नहीं। ना तो राइस मिलर और ना ही सहकारी समितियां के लोग संबंधित वाहनों की जानकारी दे पाए। यह भी पाया गया कि जिन वाहनों से धान का परिवहन होना बताया गया उनमें आधा सैकड़ा से ज्यादा कारें शामिल थी।
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