G News 24 : एक्शन में पंजाब पुलिस,13 महीने बाद खाली कराया गया शंभू-खनौरी बॉर्डर !

 डल्लेवाल-पंधेर समेत 700 किसान नेता  लिए गए  हिरासत में...

एक्शन में पंजाब पुलिस,13 महीने बाद खाली कराया गया शंभू-खनौरी बॉर्डर !

पंजाब पुलिस ने एक साल से अधिक समय से डेरा डाले किसानों को बुधवार देर शाम शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरना स्थलों से हटाया और गुरुवार तड़के हरियाणा पुलिस  ने किसानों की आवाजाही को रोकने के लिए लगाए गए कंक्रीट के बैरिकेड्स को बुलडोजर से तोड़ दिया. यहां पर किसान अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे

पंजाब पुलिस के डीआईजी हरमिंदर सिंह गिल ने बताया कि अब तक 40 से 50 किसानों ने आत्मसमर्पण किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई किसान गिरफ्तारी की मांग करेगा तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा जबकि जो किसान छोड़ने की अपील करेगा उसे छोड़ दिया जाएगा.

तंबू उखाड़े, अब बैरिकेड्स पर चलाया बुलडोजर

पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित शंभू और खनौरी बॉर्डर को 13 महीने बाद पूरी तरह खाली करा लिया गया है. किसानों के लंबे धरने के बाद पुलिस ने बुधवार को सख्त कार्रवाई करते हुए टेंट हटवा दिए और कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया. पुलिस ने बुलडोजर की मदद से धरना स्थल को हटाया और क्षेत्र को पूरी तरह से साफ कर दिया. इस दौरान किसान मजदूर मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर को मोहाली में गिरफ्तार कर लिया गया.

बुधवार को पुलिस ने किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल समेतत कई किसान नेताओं को केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद लौटते समय मोहाली में हिरासत में ले लिया था. पुलिस सूत्रों ने बुधवार देर रात बताया कि अस्थायी ढांचों और मंचों को हटाने तथा किसानों द्वारा खड़ी ट्रॉलियों और अन्य वाहनों को हटाने के बाद प्रदर्शन स्थल को खाली करा दिया गया है.

बाधित सड़कों पर यातायात कब बहाल होगा !

यह पूछे जाने पर कि बाधित सड़कों पर यातायात कब बहाल होगा, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पंजाब की तरफ की सड़क खाली होने के बाद यातायात की बहाली इस बात पर निर्भर करेगी कि हरियाणा सरकार अवरोधक कब हटाती है.पंजाब के पुलिस अधिकारी ने बुधवार को ही कह दिया था कि ढांचे और वाहनों को हटाया जा रहा है. पूरी सड़क को साफ कर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा. हरियाणा पुलिस भी अपनी कार्रवाई शुरू करेगी. जैसे ही उनकी तरफ से रास्ता खुलेगा, हाईवे पर आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी. हमें किसी भी तरह का बल प्रयोग करने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि कोई विरोध नहीं हुआ. किसानों ने अच्छा सहयोग किया और वे खुद ही बसों में बैठ गए.

13 फरवरी से शंभू बॉर्डर पर धरने पर बैठे थे किसान

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली कूच करने से रोके जाने के बाद पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू (शंभू-अंबाला) और खनौरी (संगरूर-जींद) सीमा पर डेरा डाले हुए थे.

700 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया गया

असल में पुलिस की इस कार्रवाई में खनौरी सीमा से लगभग 700 किसानों को हिरासत में लिया गया जबकि शंभू सीमा पर भी 300 से अधिक किसानों की मौजूदगी दर्ज की गई जिन्हें जल्द ही हिरासत में लिया जा सकता है. पुलिस द्वारा धरना स्थल पर लगाए गए अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त कर दिया गया. इसके अलावा, किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद संगरूर और पटियाला जिलों समेत पंजाब के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं.

डीआईजी बोले- किसी को बंधक नहीं बनाया गया

पंजाब पुलिस के डीआईजी हरमिंदर सिंह गिल ने बताया कि अब तक 40 से 50 किसानों ने आत्मसमर्पण किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई किसान गिरफ्तारी की मांग करेगा तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा जबकि जो किसान छोड़ने की अपील करेगा उसे छोड़ दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलिस ने किसी को बंधक नहीं बनाया है और केवल अवैध रूप से बनाए गए ढांचों को तोड़ा जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अगले कुछ घंटों में शंभू बॉर्डर को पूरी तरह खाली करा लिया जाएगा.

हरियाणा पुलिस ने भी हटाए बैरिकेड्स

पंजाब पुलिस की कार्रवाई के दौरान, हरियाणा पुलिस भी अपने बैरिकेड्स हटाने की प्रक्रिया में लगी रही. जैसे ही हरियाणा पुलिस ने अपनी ओर से बैरिकेड्स हटाए, शंभू बॉर्डर को पूरी तरह से साफ कर दिया गया और यातायात के लिए रास्ता खोल दिया गया. पुलिस और प्रशासन की यह संयुक्त कार्रवाई लंबे समय से चले आ रहे किसान आंदोलन को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

टकराव से बचने के लिए पुलिस ने की अपील

टकराव से बचने के लिए पटियाला रेंज के डीआईजी मनदीप सिंह सिद्धू ने शेष प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और उनसे स्वेच्छा से जाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, "हम 3,000 से ज्यादा लोग हैं और आप सिर्फ कुछ सौ हैं. हमें इन जगहों को खाली करना ही होगा, चाहे कुछ भी हो जाए. आपके नेताओं को चंडीगढ़ में पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है... हम बल प्रयोग नहीं करना चाहते, इसलिए हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे स्वेच्छा से बसों में चढ़ें."

केंद्र और किसानों में हुई क्या बातचीत

केंद्र सरकार ने हाल ही में किसानों के साथ बातचीत की, जिसमें चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों और पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक हुई, जो किसानों की चिंताओं को दूर करने के उनके प्रयासों का हिस्सा थी. हालांकि, वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई. डल्लेवाल और पंढेर जैसे प्रमुख नेताओं की हिरासत के साथ, तनाव बढ़ गया है. सरकार और किसानों के बीच अगले दौर की वार्ता 4 मई को होनी है. बढ़ती स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, अधिकारियों ने प्रमुख विरोध स्थलों पर बिजली की आपूर्ति काट दी और इंटरनेट बंद कर दिया.

अंतिम सांस तक लड़ेंगे

इस कार्रवाई से पहले किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा था कि सरकार हमें बिना मारे यहां से नहीं हटा सकती. उन्होंने किसानों से अपील की थी कि वे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ बॉर्डर पर पहुंचें और आंदोलन को और मजबूत करें. उनका कहना था कि यह लड़ाई लंबी चलेगी और वे अपनी मांगों को लेकर अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे. हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बाद अब बॉर्डर खाली करवा लिया गया है और किसान नेता हिरासत में हैं.


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