प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा...
अवैध प्रवासियों के विमान अमृतसर में क्यों उतर रहे : CM भगवंत मान
अमेरिका में अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने की कार्रवाई लगातार जारी है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका का एक और जहाज अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर भारत की ओर निकल चुका है। ये विमान पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरने वाला है। अब इस मुद्दे पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने शुक्रवार को अमृतसर में प्रेस कांफ्रेंस की है और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। भगवंत मान ने सवाल किया है कि किस क्राइटेरिया के तहत अवैध प्रवासियों का जहाज अमृतसर में उतारा जा रहा है। सीएम मान ने केंद्र सरकार पर पंजाबियों को बदनाम करने का आरोप लगाया है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब और पंजाबियों को बदनाम करने की साजिश हो रही है। अमेरिका में गैर कानूनी तौर से गए गैर मुल्कों के लोगों को डिपोर्ट करना शुरू कर दिया गया लेकिन भारत सरकार ने पहला जहाज अमृतसर में उतारा। इसमें से 33 गुजरात के 33 हरियाणा के और 30 पंजाब के लोग थे। पता नहीं किस क्राइटेरिया से उन्होंने पहला जहाज अमृतसर में उतार दिया। अब दूसरा जहाज भी कह रहे हैं कि कल अमृतसर में उतारा जाएगा, लेकिन ऐसा क्यों है? केंद्र सरकार अमृतसर में जहाज उतरने का क्राइटेरिया बताएं। मिनिस्ट्री आफ एक्सटर्नल अफेयर्स को ये बताना चाहिए कि अमृतसर को क्यों चुना जा रहा है। ये पंजाबियों को बदनाम करने के लिए हो रहा है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि डिपोर्टेशन राष्ट्रीय समस्या है।
अभी मोदी जी का जहाज भी आसमान में है। वो अमेरिका से वापस आ रहे हैं लेकिन क्या विमान में सवार भारतीय गिफ्ट के तौर पर वापिस आ रहे हैं। ये बड़े हाउडी मोदी, अबकी बार ट्रंप सरकार के नारे देते थे लेकिन अब क्या ये गिफ्ट लेकर आ रहे हैं। जिस वक्त उनकी ट्रंप से बातचीत चल रही थी तब हमारे भारतीय बेड़ियों से जकड़े जा रहे होंगे। चलो हम मान लेते हैं कि उनकी अपनी पॉलिसी है गैर कानूनी तौर पर गए लोगों को ऐसे भेजते हैं लेकिन ये लोग हैं तो हमारे अपने ही। कोलंबिया जैसे छोटे देश ने भी उनका जहाज नहीं लिया और अपने जहाज को भेजकर अपने लोगों को इज्जत से वापिस बुलाया। सीएम भगवंत मान ने कहा कि जहां जहाज उतारा जा रहा है वहां से 40 किलोमीटर पर पाकिस्तान है। क्या अमेरिका की सेना यहां का नक्शा लेकर नहीं जा रही होगी। ये कैसी हमारी नेशनल सिक्योरिटी है, हमारी कैसी नेशनल पॉलिसी है। बांग्लादेश से जब शेख हसीना भाग कर आती है तो उसे हिंडन एयरपोर्ट पर उतारा जाता है। तो इन जहाजों को हिंडन एयरपोर्ट पर क्यों नहीं उतारा जा सकता। हिंडन में उतारे, नेशनल कैपिटल के इलाके में इन जहाजों को उतारे। हम अपने लोगों को अपने आप ले आएंगे। सीएम भगवंत मान ने कहा कि जान-बूझकर ये सब कुछ हो रहा है ताकि मीडिया सिर्फ पंजाब के बारे में ही बात करें कि पंजाब में एक और प्रवासियों को डिपोर्ट किया गया जहाज उतरा है।
ये संदेश जाए कि सिर्फ पंजाबी ही गैर कानूनी तौर पर जाते हैं। अभी कह रहे हैं कि 119 में से 67 पंजाब के हैं इसलिए यहां जहाज उतारा जा रहा है। लेकिन इससे पहले 33 गुजरात के थे तो गुजरात में जहाज क्यों नहीं उतरा। फ्रांस से जब राफेल विमान आता है तो उसे अंबाला एयरबेस पर उतारा जाता है तो अमेरिका से आये पिछले विमान को अंबाला क्यों नहीं उतारा जा सकता। जबकि उसमें हरियाणा के लोग ज्यादा थे। सीएम भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार को कहीं भी मौका मिले वो पंजाब और पंजाबियों को बदनाम करने में लगी रहती है। जब हम अमृतसर और मोहाली एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू करने के लिए केंद्र सरकार के उड्डयन विभाग को लेटर देते हैं तो वो विमान नहीं शुरू करते। लेकिन इस तरह से आ रहे विमान को अमृतसर में उतारा जा रहा है। डिपोर्टेशन कई देशों की प्रॉब्लम है। अमेरिका को अपनी पॉलिसी के हिसाब से डिपोर्ट करना है लेकिन हम तो कम से कम इज्जत से इन लोगों को रिसीव कर सकते हैं। सीएम भगवंत मान ने कहा कि मैं गृह मंत्रालय से कहूंगा कि अभी वो जहाज रास्ते में होगा। ईंधन भी एक दो जगह से डलवाएगा। तो मैं उनसे निवेदन करता हूं कि इसका रूट बदलकर दिल्ली या हिंडन में से किसी पर उतार लें। मैं हरियाणा की तरह कैदियों वाली वैन अपने पंजाब के लोगों को लेने के लिए नहीं भेजूंगा। गुजरात और हरियाणा में इनकी सरकारें है लेकिन वहां के लोग वहां की सरकारें इनको लेने ठीक तरीके से नहीं आई। लेकिन हमने अपने पंजाब के लोगों को उनके घर तक पहुंचाया। सीएम भगवंत मान ने कहा कि ये लोग रोजी-रोटी कमाने के लिए गए थे। बीजेपी और कांग्रेस वाले कह रहे हैं कि भगवंत मान की वजह से लोग विदेश गए थे। लेकिन मुझे सिर्फ पौने तीन साल हुए हैं इससे पहले तो आपकी सरकारें थी। आपकी वजह से इन लोगों को विदेश जाना पड़ा। हम तो पंजाब के युवाओं को रोजगार देने का प्रयास कर रहे हैं ताकि वो विदेश ना जाएं।
अब विदेशों से वापस पंजाब में माइग्रेशन भी शुरू हो चुका है। विदेश में बसे पंजाब के लोग अब ये कह रहे हैं कि अब पंजाब में भी सिस्टम ठीक हो गया। हमें यही काम दे दो हम वापस आ जाएंगे। सीएम भगवंत मान ने कहा कि ये अमृतसर ही क्यों चुनते हैं। अमृतसर चुनने का क्राइटेरिया बताइए और अपने लोगों को इज्जत से वापस लाइए। ये सब कुछ इसलिए हो रहा है ताकि ये लगे कि पंजाबी ही गैर कानूनी तौर पर विदेश जाते हैं जबकि गुजरात के लोग भी ऐसे ही जा रहे हैं। पिछली बार जो लोग विदेश से लौटे उसमें बच्चों के साथ गुजराती लोग भी थे। अब ये सवाल उठता है कि बच्चों के साथ गुजरात के लोगों को विदेश में बसने के लिए क्यों जाना पड़ रहा है। गुजरात से वापस लौटे प्रवासियों का इंटरव्यू नहीं दिखाया जाता जबकि पंजाब के युवाओं का दिखाया जाता है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि मैं नहीं चाहता कि ये विमान अमृतसर में उतरे। हम इस बात से नाराज हैं और हम चाहते हैं कि भारत सरकार इस विमान का रूट बदले। भगत सिंह को भी इसी बात की चिंता थी की आजादी के बाद देश किस हाथों में जाएगा और भगत सिंह की बात आज सही साबित हो गई। विदेश मंत्री राज्यसभा में जानकारी दे रहे हैं कि पिछले कितने सालों में कितने लोग डिपोर्ट होकर आए थे लेकिन वो लोग इस तरह से सैनिक विमान में हाथों में बेड़ियां डालकर नहीं लाये गए थे। इनको लाने के लिए आप अपना जहाज क्यों नहीं भेजते।
सीएम भगवंत मान ने कहा कि जिस समय ट्रंप के साथ गले मिला जा रहा है और ट्रंप को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया जा रहा है उस समय वो हमारे लोगों को वापिस इस तरह से भेज रहे हैं। हमने एतराज दर्ज कर दिया है, अब मिनिस्ट्री आफ एक्सटर्नल अफेयर्स इसका जवाब दे। क्या ये आपकी विदेश नीति है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने मोदी जी से हाथ तो मिलाया नहीं और ये कहा जा रहा है कि वो एयरपोर्ट पर उनको छोड़ने गए। एक विमान परसों भी आ रहा है। क्या ये गिफ्ट लेकर आये मोदी जी ट्रंप से। सीएम भगवंत मान ने कहा कि नाइजीरिया के प्रेसिडेंट ने कहा कि अगर तुम हमारे लोगों को अमेरिका से निकालोगे तो मैं वहां पर जितने अमेरिकन रह रहे हैं, उनको बाहर निकाल दूंगा। मैं काफी प्रयास कर रहा हूं अगर युवाओं को यहां रोजगार मिलेगा तो विदेश नहीं जाएंगे। अगर भारतीयों को इस तरह से वापस लाया जा सकता है तो विदेशों में जो गैंगस्टर और आतंकी बैठे हैं उनको तो विदेश की सरकारें भेजती नहीं। हम उन्हें मांगते रहते हैं लेकिन मेहनत करने वाले लोगों को इस तरह से वापिस भेजा जा रहा है। इन बीजेपी वालों को दिक्कत ये है कि पंजाब के लोग इनको वोट नहीं करते और केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर जिस तरह से पीएम मोदी को ये कहना पड़ा कि मैं अपनी बात किसानों को समझा नहीं पाया और कानून वापिस लेने पड़े, इसका बदला पंजाबियों से इस तरह से उन्हें बदनाम करके लिया जा रहा है।
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